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मुंबई। लचीले कार्य अवसरों के लिए भारत का पहला आॅन-डिमांड प्लेटफार्म वैकेंसी की शुरूआत की गई है, जिसका जोर खुली प्रतिभा अर्थव्यवस्था जो आमतौर पर गिग अर्थव्यवस्था के बतौर जानी जाती है, और लक्ष्य नए एज प्रौद्योगिकी का उपयोग कर भारतीय जाॅब मार्केट को लोकतांत्रिक करना है। आज का जाॅब मार्केट ठेकेदारों, परामर्शदाताओं, स्वतंत्रकारों, और विषयगत विशेषज्ञों से भरा है, जो रोजगार का लचीला माॅडल्स चाहता है। ओला एवं उबर के ड्राइवर्स अपने कार्य में इसी तरह की लचीलता का आनंद उठा रहे है और लचीले कामकाज के ट्रेंड में अंशकालिक जाॅब, स्वतंत्र कार्य शामिल है और प्रफेशनलों के लिए सभी उद्योगों में अल्पावधि के अवसर विकसित हो रहे है। कई प्रफेशनलों ने अंशकालिक आधार पर लचीला वर्किंग को तरजीह दी है,ताकि घंटों के कार्य के साथ उनकी आय बढे़, अन्यों ने अधिक आर्य अर्जित करने अथवा अपनी कामकाजी जिंदगी पर अच्छा नियंत्रण हासिल करने के लिए पूर्णकालिक कैरियर विकल्प के बतौर लचीला कार्य चुना है।अनुबंधीय कर्मचारी के साथ अपने पूर्णकालिक कार्यबल का पूरक मूल्य चाहती कंपनियों एवं व्यवसायगृहों ने जब से इसकी शुरूआत की है,अधिकांश ने स्वयं को इस भूमिका में पाया है। 
जाॅब मार्केट में आॅन डिमांड स्टाफिंग सर्वाधिक प्रचलित ट्रेंड हो गया है, साथ ही पूर्णकालिक रोजगार के बदले में वर्क-आॅन डिमांड विकल्प चुनने वाला वर्कफोर्स वर्ग बढ़ रहा है। जाॅब के लिए आॅनलाइन पोर्टल ने करीब 20 वर्ष पहले ही भर्ती करने में बड़ी क्रांति लाई है। आजकल प्रोफेशनल सोशल नेटवर्क प्रस्तावना एवं साथ में जुड़ने में समर्थ बनाने का कार्य कर रहे है। फिर भी अभी आज के जाॅब मार्केट में बड़ा अंतर है,विशेषकर यह बड़ा अंतर भर्ती करने वालों में है। वैकेंसी ने इस दिशा में हायरिंग को तीव्रवत करने, किफायती और सक्षम बनाने के लिए प्रोपराइटरी टैक्नोलाजी का उपयोग कर आगामी बड़ा अन्वेषण प्रस्तुत किया है। सभी क्षेत्रों चाहे वह परिवहन (ओला, उबर) हो, निजी सेवाएं (टाॅस्कबाॅब, अरबन क्लैप) अथवा फूड डिलीवरी (जोमैटो, स्विगी हो) में आॅन डिमांड एग्रीगेटर्स की सफलता ने वैकेंसी के लिए एक स्टेज तय किया है, ताकि एक टैक्नोलाजी प्लेटफार्म के साथ लचीले कामकाज का यह ट्रेंड बढे़, जिससे अधिक कार्यक्षमता के साथ व्यवसाय की अल्पावधि जरूरतें पूरी की जा सके।
समाज में कार्य और जिंदगी के बीच बेहतरीन संतुलन चाहने की बढ़ रहे ट्रेंड और सहस्राब्दिकों पर प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव से उनमें गैर परम्परागत कैरियर विकल्प चुनना बढ़ रहा है, तथा वे अपने दैनिक कार्य में आजादी चाहते है। वैकेंसी ने विकसित हो रहे कार्यबल के इस तरीके को अपनाने के लिए भारतीय कंपनियों की बढ़ रही आवश्यकताओं को हल किया है। वैकेंसी ने मुंबई में इस सेवा की शुरूआत की है, इसका फोकस उद्योग सेग्मेंट पर है जहां बडे़ स्तर पर सेवाएं सुलभ नहीं है तथा आॅनलाइन प्लेटफार्म द्वारा इसका प्रभावीढंग से प्रबंध नहीं किया गया है, यद्यपि इनका हिस्सा बडे़ वर्कप्लेस में है और ये परंपरागत भर्ती चुनौतियों जैसे कि उच्च संघर्ष, कम भरोसा तथा संगठित कार्यबल के एक अपर्याप्त कौशल अभाव से लड़ रही है। वैकेंसी का इरादा पूरे देश में इसे लांच करने और सभी उद्योगों एवं क्षेत्रों में विस्तार करने का है।

वैकेंसी- प्लेटफार्म की विशेषताएं
डिजिटल ओम्नी-मौजूदगी
एक मोबाइल एैप जो अंशकालिक रोजगार चाहने वालों को एक फ्री प्रोफाइल,विशेषकर उनकी कार्य वरीयता,बनाने के लिए एक अंतरज्ञानी एवं झंझटमुक्त अनुभव देता है तथा उनमें से चुनने के लिए सहज वर्क अनुरोध की सुविधा देता है। एक वेव प्लेटफार्म नियोक्ताओं को सुविधा देता है कि वे अपनी भर्ती आवश्यताओं का प्रबंध करें और उचित उम्मीदवार हायर करने के लिए वर्क अनुरोध पोस्ट करें। वे मोबाइल एैप के साथ कार्य का प्रबंध चलते फिरते भी कर सकते है।नियोक्ताआंे के पास भर्ती दलों के साथ सहयोग करने के लिए मल्टी यूजर अकाउंट हो सकता है।
एक न्यू एज वर्कफोर्स
इसे वैकेंसी पर ‘‘वर्कफोर्स’’ के बतौर भी जाना जाता है, जिसमें उम्मीदवार उद्योगों में 9 भिन्न वर्क प्रोफाइल बना सकता है और चलते फिरते अपने कार्य का प्रबंध कर सकता है।इस प्रतिभा पूल में मल्टीट्यूड पैशन चुनने और अनेक कौशल की तलाश करने की आजादी है।
कार्यक्षमता एवं प्रौद्योगिकी
वैकेंसी ‘मैचवाॅकर’ नामक प्रोपराइटरी प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है, जो उनकी वरीयता के आधार पर नियोक्ताओं एवं नौकरी चाहने वालों के बीच प्रभावशाली मेलमिलाप के लिए मशीन लर्निंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करता है। यह प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म को 24 घंटे के भीतर दो जोडे़ की आटोमेट प्रोसेस करने में समर्थ बनाता है।
सुरक्षा एवं भरोसा
वैकेंसी में कई विशेष विशेषताएं निहित है, जो प्लेटफार्म उपयोग करने पर सुरक्षा एवं भरोसा बढ़ाती है। एक जियोफेंस्ड डिजिटल अटेंडेंस नामक विशेषता नियोक्ताओं एवं श्रमिकों के लिए कार्य का प्रबंधन झंझटमुक्त कर देता है। मोबाइल अप्लीकेशन में चैट एवं काॅल नामक विशेषता नियोक्ताओं एवं उम्मीदवारों के बीच संचार बढ़ाता है।
कार्य करने का स्मार्ट तरीका
भारत में एक तिहाई से अधिक कंपनियां अंशकालिक अथवा फ्रीलांस प्रतिभा पर निर्भर है। इस संदर्भ में खर्च को ध्यान में रखते हुए संस्थान लचीले वर्कर्स की ओर मुड़ रहे है, ताकि सक्षम कार्य हो और मदीय खर्च घटे।
वैकेंसी का उपयोग करने वाले उम्मीदवारों को इस पर एक बार पंजीकृत होने पर जाॅब बोर्ड और फोरम पर सर्फ करने की जरूरत नहीं है। उनकी वरीयता पर आवेदन आधार पर उनको वर्क अनुरोध भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं को पूर्ण कालिक कर्मचारी के वार्षिक सीटीसी चुकाने के बजाए विशेषतौर पर दिया गया कार्य पूरा करने के लिए पे-एैज-यू-गो माॅडल का लाभ मिलता है।
वैकेंसी की बिजनेस प्रमुख अंजू कनोडिया ने कहा कि,‘‘ अंशकालिक जाॅब अवसरों और गिग अर्थव्यवस्था एक वैश्विक तथ्य है और भारतीय नियोक्ता इस तरह की भर्ती व्यूहनीति के साथ बेहतरीन कार्यक्षमता खोजने के लिए उत्सुक है। वैकेंसी प्रयोजनी प्रफेशनलों को लचीला काम काजी कैरियर विकल्प खोजने में समर्थ बनाया है, जो बेहतरीन संतुष्टि और साथ ही बेहतर भुगतान पाने का अवसर देता है। नियोक्ता संस्था में सभी स्तरों एवं भूमिका में अवसर आफर कर सकते है। वे सवयं को एक बडे़ प्रतिभा पूल के लिए भी खोल सकते है, जिसमें न्यू मदर्स, होममेकर्स, फ्रेशर्स और सेवानिवृत्त प्रफेशनल शामिल है। निश्चिततौर पर कार्य करने का यह स्मार्ट तरीका है।

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