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बवासीर की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसका कारण है कि लोगों की ओर से असमय भोजन व तले-भुजे खाद्य पदार्थों का प्रयोग अधिक किया जा रहा है। लम्बे समय तक कब्ज रहने से व्यक्ति को बवासीर हो जाता है, जो बहुत खतरनाक होता है। भारत में हर आठवां व्यक्ति बवासीर की समस्या से जूझ रहा है। ये कहना है डॉ. महेश सिंघवी (प्रेसिडेंट आयुर्वेदिक पैथोलोजिकल एसोसिएशन ) का। उन्होंने बताया कि बवासीर की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसका कारण है कि लोगों की ओर से असमय भोजन व तली-भुजे खाद्य पदार्थों का प्रयोग अधिक किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि ज्यादा समय तक कब्ज रहने पर बवासीर हो जाता है, जोकि स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है। एलोपैथिक में बवासीर को लेकर कोई विशेष इलाज नहीं है, जिसके चलते अंत में ऑपरेशन ही मात्र एक इलाज है। डॉ. सिंघवी के मुताबिक, बवासीर के उपचार का उपाय ऑपरेशन भी है। लेकिन डॉक्टर अक्सर इसकी सिफारिश कम ही करते हैं। यह एक दुखद बात है, मगर सच है कि ऑपरेशन के बाद बहुत से मरीजों को दर्द और तकलीफ झेलनी पडी। इसके कारण वे काफी दिनों तक अपना काम नहीं कर पाए। डॉ. सिंघवी ने बताया कि अब देश में एमआईपीएच सर्जरी उपलब्ध है। भारत के भी हजारों मरीजों ने इस प्रक्रिया द्वारा अपने तकलीफदेह बवासीर से सफलतापूर्वक छुटकारा पाया है।
क्या है बवासीर
बवासीर गुदाद्वार के निचले हिस्से में मौजूद रक्त शिराओं में आने वाली सूजन है। हालांकि, यह गुदाद्वार के भीतर होता है, लेकिन कई बार आप इसे गुदाद्वार के बाहर भी एक उभरे हुए मस्सों के रूप में महसूस कर सकते हैं। अक्सर तीन में से एक व्यक्ति को किसी न किसी उम्र में बवासीर अवश्य होता है। बवासीर में व्यक्ति को बहुत तकलीफ होती है। यह मुख्यता कब्ज के कारण होता है।
बवासीर के बाद खाएं रेशेदार पदार्थ
बवासीर हो जाने के बाद आप तली-भुनी खाद्य पदार्थों का प्रयोग बिलकुल न करें। आप जितना ज्यादा हो सके अपने भोजन में रेशेदार पदार्थ ज्यादा शामिल करें। फल व सब्जी का उपयोग ज्यादा करें। रेशेदार और तरल पदार्थ आप के मल को कम कर देते हैं। जिससे यह आंतों के जरिए सहजता से फिसलकर बाहर आ जाता है।दोबारा बवासीर की समस्या से बचने के लिए तीखे चटपटे और मसालेदार या तला हुआ भोजन न खाएं। इसके अलावा धूम्रपान भी बवासीर को फिर से बढ़ा सकता है। अपने भोजन में अधिक रेशेदार पदार्थ शामिल करें और हर दिन ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। फास्ट-फूड से परहेज करें। नियमित समय पर भोजन की आदत डालें। एक बार में कम भोजन करें, थोडे-थोडे समय के अवसर पर कई बार खाएं, धीरे-धीरें खाएं, भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। भोजन में ताजे फल, पत्ते वाली सब्जियां और सलाद अधिक खाएं।

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